वर्ष 2019-20 के मदिरा दुकान अनुज्ञप्तिधारियों को राहत  
 


भोपाल : कोरोना वायरस के फैलाव पर नियंत्रण एवं बचाव के तहत प्रदेश में लॉकडाउन की अवधि के दौरान समय-समय पर मदिरा दुकानों का संचालन प्रतिबंधित किया गया है। कतिपय अनुज्ञप्तिधारियों ने वर्ष 2019-20 के अंतिम पक्ष की लायसेंस फीस जमा करने में व्यवहारिक कठिनाई बतलाते हुए विभिन्न जिला कलेक्टरों से प्रचलित प्रावधानों को शिथिल कर वार्षिक लायसेंस फीस जमा किये जाने में आनुपातिक छूट (रियायत) की मांग की है।
मध्यप्रदेश शासन वाणिज्य कर विभाग ने उपरोक्त समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए वर्ष 2019-20 के मदिरा दुकानों के अनुज्ञप्तिधारियों को राहत प्रदान की है। वाणिज्य कर विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार वर्ष 2019-20 में कलेक्टर द्वारा वर्ष 4 दिवस शुष्क दिवस घोषित किये जाने वाले दिवस यदि शेष हो तो उसे पहले समायोजित करते हुए शेष वर्ष 2019-20 के अनुज्ञप्तिधारियों को 28 मार्च 2020 से 31 मार्च 2020 तक की अवधि की न्यूनतम प्रत्याभूति की राशि आनुपातिक छूट प्रदान की जाकर शेष न्यूनतम प्रत्याभूति की राशि की वसूली यथा समय सुनिश्चित की जायेगी। इसके अतिरिक्त अवधि में निर्धारित शुष्क दिवसों के अतिरिक्त बंद रही दुकानों हेतु क्षतिपूर्ति के प्रकरण आवेदकों द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर जिला समिति द्वारा सम्यक परीक्षण कर यथोचित कार्यवाही की जाए।
वर्ष 2020-21 में एक अप्रैल से निरंतर जितने दिन तक मदिरा दुकानों का संचालन प्रतिबंधित रहेगा उक्त अवधि में जिला कलेक्टर के विवेकाधीन 4 शुष्क दिवसों को सामायोजित कर शेष अवधि के दिवस की वार्षिक मूल्य में आनुपातिक छूट प्रदान की जायेगी।
31 मार्च 2020 को मदिरा दुकानों पर अवशेष स्कंध का सामान्य अनुज्ञप्ति की शर्त क्रमांक 25 के अनुरूप विधिवत पंचनामा बनाया जायेगा और जिन मदिरा दुकानों का वर्ष 2020-21 हेतु निष्पादित नवीनीकरण के माध्यम से सम्पन्न हो चुका है, वहाँ उक्त मदिरा स्कंध नवीनीकृत अनुज्ञप्तिधारी को सुरक्षित रखने हेतु सुपुर्दगी में दिया जाये। इसके अतिरिक्त जिन मदिरा दुकानों का वर्ष 2020-21 हेतु निष्पादन नवीनीकरण से भिन्न माध्यम से सम्पन्न हुआ है अथवा जो निष्पादन से शेष है, वहाँ उक्त मदिरा स्कंध वर्ष 2019-20 के अनुज्ञप्तिधारी कोसुरक्षित रखने हेतु सुपुर्दगी में दिया जायेगा।
दोनों ही स्थितियों में वर्ष 2020-21 हेतु मदिरा दुकानों का संचालन प्रारंभ होने पर उक्ति स्कंध का निराकरण सामान्य अनुज्ञप्ति शर्तों की शर्त क्रमांक-25 के अनुरूप किया जायेगा।